Homeउत्तर प्रदेशहेलमेट ना पहनने पर 4.34 करोड़ रुपये का चालान

हेलमेट ना पहनने पर 4.34 करोड़ रुपये का चालान

शासन ने दो पहिया वाहनों के पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कानपुर में स्थिति तो विकट है, यहां तो चालक ही हेलमेट नहीं लगा रहे हैं, हाल यह है कि आठ महीने में हुए 4 लाख 21 हजार चालान में से 2 लाख 12 हजार तो सिर्फ हेलमेट न लगाने पर हुए हैं।

इनपर 4 करोड़ 34 लाख 31600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कानपुर में चार साल पहले आईटीएमएस के जरिये ई-चालान की शुरुआत की गई थी। 2021 में कमिश्नरी लागू होते ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ा दी गई। इस बीच केंद्र सरकार ने यातायात नियमों को तोड़ने पर भारीभरकम चालान और पूरी तरह से ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी मोबाइल से फोटो खींचकर झट से चालान कर देते हैं।

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6.53 करोड़ का लग चुका है जुर्माना
इस साल में अब तक 6 करोड़ 53 लाख 87 हजार रुपये का जुर्माना ट्रैफिक विभाग वाहन सवारों पर लगा चुका है। वर्ष 2021 में ट्रैफिक पुलिस ने 6 लाख 68 हजार 814 चालान कर 9 करोड़ 57 लाख रुपये वसूले थे। नो पार्किंग में वाहन खड़े करने पर 2 लाख लोगों का चालान किया गया है।

हादसों में जान गंवाने में कानपुर सबसे ऊपर

वर्ष 2021 के एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हुए सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जानें कानपुर में गई हैं। 1373 लोगों की मौतें सड़क हादसों में हुईं। दूसरे नंबर पर लखनऊ है, जहां 692 लोगों की सड़क हादसों मौतें हुईं।

कानपुर के पांच ब्लैक स्पॉट, जहां सबसे ज्यादा हादसे
ट्रैफिक पुलिस ने कमिश्नरी में पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं, जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इसमें गुजैनी बाईपास, नौबस्ता कट, यशोदा नगर चौराहा, बर्रा बाईपास और नारामऊ हैं। नारामऊ को छोड़कर अन्य चार ब्लैक स्पॉट साउथ में हैं। तीन वर्षों में सबसे अधिक 21 हादसे नौबस्ता कट पर हुए, जिसमें 41 लोगों की जानें गईं। यशोदा नगर चौराहे पर 17 हादसों में 26 लोगों की मौत हुई। इसी तह से गुजैनी बाईपास पर 19, बर्रा बाईपास पर दस और नारामऊ में आठ लोगों की जान गई।

छह साल पुराना है आदेश, नहीं हो सका था लागू
बाइक चालक व उसपर बैठने वाले दूसरे शख्स को हेलमेट लगाने की अनिवार्यता का आदेश छह साल पहले हुआ था, जिसको लागू नहीं किया जा सका था। इसमें हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। अब एक बार फिर से ट्रैफिक निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी कर सख्ती से नियम को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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