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    सरकार बनने के बाद 14 किसानो की आत्महत्या पर विपक्ष ने आप सरकार को घेरा

    बठिंडा/चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद किसानाें की आत्महत्याओं का दाैर जारी है। 23 अप्रैल तक 14 किसान खुदकुशी कर चुके हैं, जिसका कारण फसल कम होना है। इसके चलते अब सियासत भी गर्मा गई है। अब विपक्ष ने आप सरकार व पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को घेरना शुरू कर दिया है। खुदकुशी करने वाले ज्यादातर किसान वह हैं जिन पर कर्ज भी था।

    केजरीवाल ने कहा था-1 अप्रैल के बाद किसान नहीं करेंगे आत्महत्या

    गाैरतलब है कि केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दाैरान वादा किया था कि आप सरकार बनने के बाद काेई किसान खुदकुशी नहीं करेगा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने हैरानी जाहिर की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राज्य में अन्य नेता इस गंभीर विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं। पूर्व गृह मंत्री व कांग्रेस के विधायक सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अगर अपने बड़े भाई केजरीवाल से मिल लिए हों तो केंद्र सरकार के पास जाकर गेहूं का झाड़ कम होने का मुद्दा भी उठाएं। गेहूं की पैदावार चार से 8 क्विंटल प्रति एकड़ कम होने से किसान बेहद चिंतित हैं। किसानों को प्रति एकड़ 15,000 से 20 हजार रुपये के नुकसान की आशंका है। जो किसान पहले ही कर्ज के तले दबे हुए हैं वे ज्यादा परेशानी में हैं।

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    पिछले साल गुलाबी सुंडी से हुआ था नुकसान

    पिछले साल गुलाबी सुंडी ने कपास की फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था, जिससे किसान आर्थिक संकट में पड़ गया था। कपास की फसल में भारी नुकसान के बाद किसानों को गेहूं की बंपर फसल की उम्मीद थी। हालांकि कृषि विभाग गेहूं की कम उपज के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहरा रहा है, लेकिन भारतीय किसान संघ सिद्धूपुर के महासचिव सरूप सिंह सिद्धू ने कहा कि गेहूं सीजन के दौरान किसानों को मौके पर ही डीएपी खाद नहीं मिल पाई। इससे पैदावार में सबसे ज्यादा कमी आई है।

    किसानों को नहीं मिली यूरिया खाद

    साथ ही मौके पर किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी जिससे इस बार गेहूं का डंठल भी कमजोर हो गया, तूड़ी भी प्रति एकड़ कम मिल रही है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार किसानों को गेहूं के लिए 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे। उधर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया है। उसका कहना है कि अक्टूबर, 2021 में किसान सम्मेलन के दौरान केजरीवाल ने वादा किया था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी और एक अप्रैल से पंजाब का कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा।

    आत्महत्या करने वाले किसान

    • 1 अप्रैलः फिरोजपुर के गुरुहरसहाय के 68 वर्षीय सुखदेव ने खुदकुशी कर ली।
    • 2 अप्रैलः मोगा के मांगेवाला गांव के अवतार सिंह और गुरदासपुर के बाबरी गांव के प्रभवीर सिंह
    • 9 अप्रैलः मोगा जिले के भाबूर के 45 वर्षीय रणजीत सिंह
    • 13 अप्रैलः जालंधर की गुरुहार किसान बस्ती में 44 वर्षीय अमृतपाल सिंह
    • 14 अप्रैलः बरनाला के अमरजीत सिंह व फाजिल्का के सादिक गांव के किसान काला सिंह
    • 17 अप्रैलः कपूरथला जिले के एक युवा किसान
    • 18 अप्रैलः बठिंडा जिले के बजक गांव के 38 वर्षीय रमनदीप सिंह
    • 19 अप्रैलः मानसा जिले के गांव भादरा के माखन सिंह और संगरूर के गुरबख्शपुरा गांव के सुखदेव सिंह
    • 20 अप्रैलः बठिंडा जिले के मनसा खुर्द गांव के गुरदीप सिंह और माइसखाना गांव के जसपाल सिंह
    • 21 अप्रैलः बठिंडा जिले के गांव भागी बंदर के किसान रणधीर सिंह
    • 23 अप्रैलः होशियारपुर जिले के किसान मंजीत सिंह

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