Homeलाइफस्टाइलशरीर के कई अंगो के लिए लाभदायक है अष्टव्रकासन

शरीर के कई अंगो के लिए लाभदायक है अष्टव्रकासन

अष्टव्रकासन एक बहुत ही खूबसूरत और बेहद फायदेमंद आसन है जो एक साथ शरीर के कई अंगों पर काम करता है। जिससे वो अंग न सिर्फ मजबूत होते हैं बल्कि सही तरीके से फंक्शन भी कर पाते हैं। शुरुआत में हो सके इस आसन को करने में आपको परेशानी आए लेकिन नियमित अभ्यास से कुछ ही दिनों में आप एकदम सही तरीके से इसे करने लगेंगे। तो आइए जानते हैं इस आसन को करने का तरीका, इसके फायदे व सावधानियां।

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अष्टव्रकासन करने का तरीका

  • पदमासन में आराम से बैठ जाएं।
  • अब अपने बाएं पैर को खोलें लेकिन घुटना मोड़कर ही रखें।
  • बाएं हाथ को बाएं घुटने के नीचे से ले जाते हुए थोड़ा पीछे टिकाएं।
  • ध्यान रहे बाईं जांघ आपके बाइसेप्स (हाथ के ऊपरी हिस्से) पर टिकी होनी चाहिए।
  • दाएं पैर को पंजे को बाएं पैर के पंजे के ऊपर रखें।
  • अब हाथ की हथेलियों पर पूरा प्रेशर देते हुए बॉडी को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
  • नजर सामने किसी चीज़ पर टिका लें इससे सही तरह से फोकस कर पाएंगे।
  • इस स्थिति में अपनी क्षमतानुसार जितनी देर रूक सकते हैं रूकें रहें।
  • आराम से सांस लें और छोड़ें।

अष्टव्रकासन के फायदे

  1. अष्टवक्रासन को करने के दौरान एक या दो नहीं बल्कि एक साथ कई सारे मसल्स की एक्सरसाइज होती है जिससे उनकी स्ट्रेंथ बढ़ती है साथ ही बॉडी को बेहतर शेप भी मिलता है। बाइसेप्स से लेकर ट्राइसेप्स, बैक, कोर, एब्डॉमिनल, पेल्विक फ्लोर मसल्स, ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग्स, क्वॉड्रिसेप्स, काव्स ये सारी मसल्स इंगेज रहती है। जिनसे कंधों के साथ चेस्ट, हिप्स, घुटने और स्पाइन इनको मजबूती मिलती है।
  2. इस आसन को करते वक्त बॉडी के साथ माइंड को भी स्थिर रखना होता है तभी सही तरीके से और ज्यादा देर तक बॉडी को हाथों पर बैलेंस रखा जा सकता है। तो इसमें बॉडी के साथ-साथ माइंड की भी एक्सरसाइज होती है।
  3. इन आसन के अभ्यास से बॉडी को एनर्जी मिलती है साथ ही पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है। पेल्विक फ्लोर मसल्स के इंगेज रहने से प्रजनन अंगों तक सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन होता है जिससे वो हेल्दी रहते हैं।

अष्टव्रकासन के लिए सावधानियां

  1. क्योंकि ये आसान आसन नहीं इसलिए इसे करते वक्त कई चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए।
  2. बैक पेन और स्लिप डिस्क की प्रॉब्लम हो तो न करें ये आसन
  3. कार्पल टनल सिंड्रोम वालों को भी ये आसन नहीं करना चाहिए।
  4. कंधे, कोहनी, कलाईयों में किसी तरह का दर्द या इंजुरी है तो ये आसन बिल्कुल न करें, प्रॉब्लम बढ़ सकती है।
  5. हाल-फिलहाल कोई सर्जरी हुई है तो भी इस आसन की सलाह नहीं दी जाती।
  6. हाई ब्लड प्रेशर, कॉर्डियोवैस्कुलर समस्या होने पर इस आसन को न करें।
  7. गर्भावस्था में भी इस आसन को पूरी तरह से अवॉयड करें।
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