रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के साथ नव्य अयोध्या भी आकार लेने को तैयार है। विधानसभा चुनाव के चलते इस योजना पर काम जहां का तहां अटका हुआ था, लेकिन भाजपा की सरकार दोबारा बनने और योगी आदित्यनाथ के पुन: मुख्यमंत्री बनने के साथ यह योजना नए सिरे से आगे बढ़ रही है।

इसी क्रम में प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार एवं अपर आवास आयुक्त नीरज शुक्ल ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर नव्य अयोध्या की योजना को निर्णायक गति दी। नव्य अयोध्या की योजना के लिए प्रथम चरण में 588 एकड़ भूमि ली जानी थी। इसमें से 439 एकड़ भूमि ली जा चुकी है। शनिवार की बैठक में क्रय की गई भूमि पर नव्य अयोध्या की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस क्रम में यह सुनिश्चित किया गया कि प्रस्तावित नव्य अयोध्या में कहां किस श्रेणी के भवन और मार्ग बनेंगे।

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नव्य अयोध्या में 80 देशों तथा देश के 36 प्रांतों एवं केंद्र शासित राज्यों के अतिथि गृह निर्मित किए जाएंगे। साथ ही सनातन संस्कृति के अनेक संप्रदायों एवं उप संप्रदायों के सांस्कृतिक केंद्र भी बनने हैं। बैठक में निश्चित किया गया कि ऐसे प्रत्येक अतिथि गृह एवं सांस्कृतिक केंद्र के लिए आधा एकड़ से लेकर दो एकड़ तक भूमि आवंटित किए जाने का प्रविधान बनाया जाए व जिसे और अधिक भूमि की आवश्यकता होगी, उसे ऐसे दो या तीन भूखंड और आवंटित किए जा सकते हैं।

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नव्य अयोध्या में 150 से लेकर तीन सौ एकड़ तक ऐसी भूमि होगी, जिस पर 10 हजार सामान्य लोगों को आवासीय प्लाट आवंटित किए जाएंगे। नव्य अयोध्या में बहुतलीय भवन भी संयोजित है और इस भवन में भी लोगों को आवास आवंटित किए जाएंगे। बैठक में अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव डा. संजीव कुमार भी उपस्थित रहे।

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