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    मोदी सरकार नीति बनाने से पहले वैज्ञानिकों, डाक्टर, उद्योगपति और विशेषज्ञों से करती है विचार विमर्श- मांडविया

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि दुनिया को कोरोना रोधी टीका देकर मदद करना भारत को हेल्थ सेक्टर में मजबूत करना इसमें फार्मा सेक्टर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी फार्मा उद्योग के क्षेत्र में क्या हो रहा है आगे क्या होगा यह इस कांफ्रेंस के माध्यम से सरकार चर्चा करती है। कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं।

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    यह मोदी सरकार है जो कागजों पर नीति नहीं बनती है। हम नीति बनाने से पहले वैज्ञानिकों, डाक्टर, उद्योगपति और विशेषज्ञों से विचार विमर्श करते हैं। मैंने तो यहां तक कहा कि छात्र भी हमारी नीति निर्धारण में शामिल हों। क्योंकि छात्र ही हमारी नीतियों को भविष्य में आगे बढ़ाएंगे। हमारे वैज्ञानिकों ने मोदी जी के सामने समस्या उठाई कि हम रिसर्च तो कर लेते हैं लेकिन हमारी रिसर्च को मान्यता मिलने में पांच-छह साल लग जाते हैं। देश में मेडिकल की सीटें पहले 55 हजार थीं। अब 95 हजार हो चुकी हैं।

    अब एक लाख के पार होने जा रही हैं। एक लाख से ज्यादा गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बन चुके हैं। केंद्रीय रसायन व उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने कहा कि अभी 80 प्रतिशत मेडिकल डिवाइस भारत आयात करता है सिर्फ 20 प्रतिशत मेडिकल डिवाइस ही भारत में बनते हैं। वीके पॉल ने कहा कि मेडिकल डिवाइस निर्माण के क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा दिया है

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