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बिहार के छात्रों ने नीट की परीक्षा में मारी बाजी

बिहार के खगड़िया  जिले के चार छात्र व छात्राओं ने नीट परीक्षा में बाजी मारी है। गोगरी प्रखंड अंतर्गत उसरी गांव के लाल ने नीट की परीक्षा में 980वां रैंक लाकर हर्षित राज ने जिले का नाम रोशन किया है। किसान डबलू कुमार यादव के पुत्र हर्षित राज ने कुल 677 अंक प्राप्त कर ओबीसी कोटि में 250 वां एवं आंल इंडिया में 980 वां रैंक प्राप्त किया। परीक्षा में सफलता मिलने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। हर्षित राज के पिता डब्लू यादव पेशे से किसान है एवं माता इन्दु देवी गृहणी हैं। हर्षित राज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा राजेंद्र यादव की प्रेरणा एवं पिता और माता के समर्पण को दिया है।

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हर्षित ने बताया कि वह एक बेहतरीन चिकित्सक बंद कर समाज की सेवा करना चाहते हैं। प्रखंड के हरिपुर निवासी सुमन सिंह की पुत्री इशानी ने भी सफलता अर्जित की। जबकि ऑल इंडिया नीट की परीक्षा में खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर दक्षिणी पंचायत के बरखंडी टोल दियारा से श्रीलाल यादव का पुत्र निवास कुमार 634 अंक प्राप्त कर 8231 ऑल इंडिया रैंक प्राप्त किया। वही अधिवक्ता पुत्री जितेंद्र यादव की पुत्री काजल कुमारी ने 683 मार्क्स लाकर 3489 ऑल इंडिया रैंक प्राप्त किया।

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डुमरी क्षेत्र के डुमरी पंचायत के मुखिया डॉ. गजेन्द कुमार यादव और उषा देवी के पुत्र प्रशांत कुमार ने नीट की परीक्षा में टोटल 720 अंक में 656 अंक प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है। जारी रिजल्ट में प्रशांत को आल इंडिया 4085, ओबीसी 133 वां रैंक हासिल हुआ है। प्रशांत ने बताया कि उनकी प्रारंभिक परीक्षा घर पर ही हुई। 10 वीं और 12 की पढ़ाई जिला स्कूल से किया। नीट की तैयारी के लिए कोटा गए, जहां पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। बताया कि वह हर दिन 16 घंटे पढ़ाई किया करता था।  उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता सहित गुरुजनों को दिया।

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नीट परीक्षा परिणाम में करगहर प्रखंड के पांजर गांव की बिटिया सलोनी सिंह ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की है। सलोनी के सफलता से पूरे गांव में खुशी की लहर है। पहली बार नीट परीक्षा का आयोजन गृह जिले में किया गया था। जिस वजह से परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के ऊपर परीक्षा को लेकर थोड़ा दबाव जरूर कम था पर देश के सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा में सफल होकर सलोनी ने बता दिया है कि शहर छोटा हो या बड़ा अगर सपने बड़े होंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। सलोनी की दो बहन पहले ही नीट परीक्षा पास करके मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार की शाम को नीट परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया जिसको लेकर पहले से हीं छात्र इंतजार कर रहे थे। किसान से सफल व्यवसायी बने पांजर के दिनेश सिंह के पुत्री सलोनी को 720 में मिला 605 अंक मिला है। इस परिवार से यह तीसरी बेटी है जो अब डॉक्टरी पढ़ेंगी।
नीट की परीक्षा में जमुई के आधा दर्जन बच्चों ने सफलता का परचम लहराया है। जमुई जैसे पिछड़े जिले के उन होनार बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि जमुई में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। जिन बच्चों ने सफलता पाई है उसके घरों में आज खुशी की लहर है। लगातार लोग मोबाइल पर फोन कर बधाई देते दिखाई दे रहे हैं। जिन बच्चों ने सफलता पाकर अपने माता पिता और परिवार के साथ साथ जमुई का मान बढ़ाया है उसमें जमुई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर संजय मंडल के पुत्र ओंकार अमृत, खेल शिक्षक रहे स्वर्गीय बागेश्वरी बाबू की पौत्री और पंकज सिंह की पुत्री सौम्या, महिसौड़ी के दिलीप कुमार साह का पुत्र अभय कुमार, विवेकानंद स्कूल की छात्रा रिया कुमारी आदि शामिल है। डॉक्टर संजय मंडल के पुत्र ओंकार अमृत ने तो यह सफलता पहली ही बार परीक्षा देकर हासिल किया है। उसकी उम्र महज 17 वर्ष है।केवटी प्रखंड के पाराडीह गांव निवासी विश्वनाथ प्रधान व किरण कुमारी के पुत्र मोनू कुमार प्रधान ने नीट में राष्ट्रीय स्तर पर 4701 तथा ओबीसी में 1545वां स्थान प्राप्त किया है। उसने 720 में 649 अंक प्राप्त किये हैं। मोनू ने इसका श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। मोनू ने कहा कि लक्ष्य साधकर मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। मोनू ने सेकेंडरी की परीक्षा में भी 90 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त किये थे।

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ब्रह्मपुर के शिक्षक संजय कुमार और शिक्षिका कविता कुमारी की प्रथम पुत्री अंशुली रत्नम ने नीट- 2022 की परीक्षा में 720 अंकों में 637 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा से मिथिला को गौरवान्वित किया है। उसे ऑल इंडिया रैंक 7263 और कैटेगरी रैंक 3601 प्राप्त हुआ है। अंशुली रत्नम ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पचाढ़ी से वर्ष 2016 में मैट्रिक और ब्रह्मपुर स्थित ठाकुर बिंदेश्वर शर्मा उच्च माध्यमिक विद्यालय से वर्ष 2018 में इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। उसने नीट की तैयारी कोटा मे रहकर की और तीसरे प्रयास में उसे यह सफलता हासिल हुई है। अंशुली के पिता मुजफ्फरपुर के तुर्की स्थिति बीएड कॉलेज में सहायक प्राध्यापक और मां ब्रह्मपुर स्थित ठाकुर बिंदेश्वर शर्मा उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान की शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

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