More
    Homeपॉलिटिक्सकांग्रेस विधायक नाराज़ ,खतरे में उद्धव सरकार

    कांग्रेस विधायक नाराज़ ,खतरे में उद्धव सरकार

    महाराष्‍ट्र की गठबंधन (Maha Vikas Aghadi ) सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। एक ओर जहां सहयोगी दल कांग्रेस (Congress) के विधायक सरकार के कामकाज से नाराज चल रहे हैं तो इस बीच एनसीपी अध्‍यक्ष शरद पवार (Sharad pawar) राजधानी दिल्‍ली में गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) से मिले। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है। ये मुलाकता उस समय हुई जब एक ओर जहां पवार को यूपीए अध्‍यक्ष बनाने की मांग हो रही तो वहीं दूसरी ओर नबी की पार्टी के असंतुष्‍ट नेताओं में से एक हैं।

    कांग्रेस के असंतुष्‍ट नेता से हुई मुलाकात को लेकर कई तर‍ह के कयास लगा जा रहे हैं। हालांक‍ि एनसीपी ने इसे सामान्‍य करार दिया है। एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संसद सत्र के दौरान पार्टी अध्यक्ष जब भी राजधानी दिल्ली में रहते हैं, जो गुलाम नबी आजाद अमूमन उनसे मुलाकात करते हैं। इसलिए इसे ज्यादा अहमियत नहीं देनी चाहिए।

    वहीं इस मुलाकात को लेकर आजाद ने ईटी को कहा क‍ि मैं शरद पवार जी से मिलता रहता हूं। वास्तव में मैं अक्सर अपने कई राजनीतिक सहयोगियों से मिलता हूं। पवार जी और मैंने 40 से अधिक वर्षों तक एक साथ काम किया है जिसमें कांग्रेस कार्य समितियों और पीवी नरसिम्हा राव सरकार और दो यूपीए सरकारों के मंत्रिमंडलों में शामिल हैं।

    बहरहाल इस बात के संकेत हैं कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति, विशेष रूप से बड़ी भाजपा विरोधी विपक्षी राजनीति की स्थिति उनकी बातचीत में शामिल हो सकती है। यह बैठक अपने समय के साथ-साथ व्यापक राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए महत्व रखती है। कांग्रेस की नवीनतम चुनावी हार के बाद जिसने गांधी परिवार के नेतृत्व को और हिलाकर दखा दिया है।

    यह भी पढ़ें :गुजरात चुनाव से पहले पूरा हो सकता है पीएम का ‘ हवाई चप्पल से हवाई जहाज ‘ प्रोजेक्ट

    महाराष्‍ट्र में कांग्रेस के विधायक नाराज
    महाराष्‍ट्र में कांग्रेस के 44 विधायक हैं। इनमें से 25 विधायक राज्‍य सरकार के कामकाज से नाराज हैं। कांग्रेस के लिए ये खतरे की घंटी है। 44 विधायकों में से 12 मंत्री हैं। नाना पटोले विधायक होने के साथ-साथ महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। पृथ्वीराज चव्हाण जी-23 में गिने जाते हैं। इन 14 के अलावा 30 विधायक हैं। उनमें से 25 विधायकों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस के लिए यह खतरे का संकेत माना जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी को पत्र विधायक संग्राम थोपटे के लैटरहेड पर लिखा गया है। थोपटे पुणे की भोर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुनकर आए हैं। वह मंत्री पद की चाहत रखते थे, लेकिन ठाकरे सरकार में कांग्रेस ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया। जबसे नाना पटोले ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, उनका नाम इस पद के लिए चल रहा है। खबर है कि कांग्रेस के नाराज विधायक 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली जाने का प्रोग्राम बना रहे हैं।

    CMP की याद दिलाई सीएम को
    जैसे ही कांग्रेसी विधायकों की नाराजगी सोनिया गांधी तक पहुंचने की खबर आई, महाराष्ट्र कांग्रेस भी हरकत में आ गई। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) की याद दिलाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि कोरोना के कारण सीएमपी पिछड़ गया था, लेकिन अब इसे तत्काल लागू किया जाए।

     

    Must Read