श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में इस बार हिमलिंग स्वरूप में विराजमान भगवान शंकर और मां पार्वती के दर्शन करने में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं होगी। श्रद्धालु अब पवित्र हिमलिंग के खुले दर्शन कर सकेंगे। हिमलिंग वाली जगह के आगे बीते 15 साल से लगाया लोहे का जंगला हटा लिया है। इसकी जगह अब मजबूत कांच की दीवार बनाई गई है। यात्रावधि में हिमलिंग स्वरूप भगवान शिव विराजमान रहें इसके लिए पवित्र गुफा और उसके पास पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा। यात्रा 30 जून से शुरू होकर 11 अगस्त तक जारी रहेगी। इस वर्ष करीब आठ लाख श्रद्धालुओं की आमद की उम्मीद जताई जा रही है

श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से कहीं ज्यादा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पवित्र गुफा में श्रद्धालु भगवान शंकर के दर्शन बिना किसी रुकावट कर सकें इसके लिए विशेष प्रबंध किया है। लोहे का जंगला हटा लिया है। यह जंगला एक अवरोधक था जो श्रद्धालुओं को पवित्र हिमलिंग को छूने से रोकता था। इसके कारण श्रद्धालुओं केा पवित्र शिवलिंग के दर्शन भी सही तरीके से नहीं हो पाते थे

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यह जंगला वर्ष 2007 में लगाया गया था ताकि श्रद्धालु पवित्र हिमलिंग की मर्यादा को भंग न कर सकें। इससे पूर्व वर्ष 2006 में कुछ लोगों ने पवित्र गुफा में हिमलिंग के साथ कथित तौर छेड़छाड़ की थी। अब जंगला नहीं है, इसके स्थान पर एल्यमूनियम की पैनङ्क्षलग के सहारे पारदर्शी कांच की दीवार बनाई है। इसके जरिए श्रद्धालु आराम से भगवान शंकर के दर्शन कर सकेंगे। पवित्र गुफा में श्रद्धालुओं के खड़ा होने और पूजा करने का स्थान भी बढ़ाया गया है। पवित्र गुफा के भीतर तापमान बराबर रहे इसके लिए भी आवश्यक उपकरण स्थापित किए जा रह

आपात स्थिति में गुफा के पास हेलीकाप्टर उतर सकता :पवित्र गुफा के पास सिर्फ आपात परिस्थितियों में ही हेलीकाप्टर को उतरने की अनुमति होगी। हेलीकाप्टर के बार-बार आवागमन और शोर का असर भी पवित्र गुफा के मौसम और स्थानीय पर्यावरण पर प्रतिकूल असर होता है। श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा के भीतर फोटोग्राफी की मनाही रहेगी। कैमरा और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा,क्योंकि यह भी गर्मी पैदा करते हैं। इससे पवित्र हिमलिंग के अंतरध्यान होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। पवित्र गुफा में यात्रावधि के दौरान सुबह-शाम होने वाली आरती व अन्य प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों का भी सीधा प्रसारण किया जाएग .