Homeलाइफस्टाइलबच्चों से खाने-पीने को लेकर न करे जबरदस्ती

बच्चों से खाने-पीने को लेकर न करे जबरदस्ती

अगर आप भी ऐसे ही एक बच्चे की मां हैं, जिसे हर समय यही टेंशन परेशान करती रहती है कि उसका बच्चा अच्छी तरह खाना नहीं खाता है। जिसकी वजह से उसके शरीर में पूर्ण पोषण नहीं पहुंच पा रहा। तो टेंशन छोड़कर इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश करें। बच्चा खाने में आनाकानी क्यों कर रहा है? क्या आप उसका पंसदीदा खाना नहीं बना रही हैं या फिर वो खाने के समय पर चिप्स या केक जैसी चीजें खाने में व्यस्त है?, इन सब सवालों को खुद से पूछें और समस्या का हल खोजने की कोशिश करें। ऐसा करते समय भी बच्चे को फोर्स फीडिंग न करवाएं। चाइल्‍ड फीडिंग गाइड के मुताबिक, आपका ये तरीका बच्‍चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है फोर्स फीडिंग और कैसे ये बच्चों को पहुंचाती है नुकसान।

क्या है फोर्स फीडिंग –
जब पैरेंट्स बच्‍चे को जबरदस्‍ती खिलाते हैं या ओवर फीडिंग कराने का प्रयास करते हैं तो इससे पाचनतंत्र पर विपरीत असर पड़ता है। यही नहीं, उनकी खाने के प्रति रुचि भी खत्‍म होने लगती है।

बच्चे को फोर्स फीडिंग करवाने के साइड इफेक्ट्स-
भोजन के लिए रुची खत्‍म हो जाना-

अगर आप बच्‍चे को भूख से अधिक खिलाने का प्रयास कर रहे हैं तो इससे उनकी भोजन के प्रति रुचि खत्‍म हो जाती है। यही नहीं, खाने के प्रति नकारात्‍मक भावनाएं भी बच्‍चे के मन में घर कर जाती हैं।

पाचन संबंधी समस्याएं-
जब बच्चे को जबरदस्ती खाने के लिए दिया जाता है तो इससे उनके पाचन तंत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है। बच्चे जब जबरदस्ती खाना खाते हैं तो वह उसे चबाते नहीं है सीधा निगल लेते हैं। जिसकी वजह से पाचन तंत्र अच्छी तरह से काम नहीं कर पाता है। लगातार ऐसा करने से बच्चे को डाइजेशन संबंधी समस्या हो सकती है।

मोटापा-
अगर आप पेट भरने के बाद भी बच्‍चे को खाने के लिए ब्‍लैक मेल कर रहे हैं या उनके मुंह में खाना डालने का प्रयास करते हैं तो आपको बता दें कि जरूरत से अधिक खाने से बच्‍चों में ओबेसिटी की समस्‍या हो सकती है और वे मोटे हो सकते हैं।

गैस संबंधी दिक्कत-
बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने से उसे गैस संबंधी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है।

उल्टी आना-
जो माताएं अपने बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाती है। उनके बच्चे अधिकतर ज्यादा उल्टी करते हैं। वे बेमन से खाना खाते हैं और फिर पूरा एक साथ उल्टी के जरिए निकाल देते हैं। ऐसी अवस्था में पहले बच्चे के टेस्ट को पहचानें। जरूरी नहीं कि सभी बच्चों को रोटी सब्जी अच्छी लगे, कोई फल का शौकीन होता है, तो कोई पुलाव का। ऐसे में अपने बच्चे के स्वाद का ख्याल रखते हुए उसे भोजन बनाकर दें।

ये टिप्स करेंगे मदद-
-कभी भी बच्चे को एक साथ बहुत अधिक खाना खाने के लिए ना दें। बल्कि उसे छोटे लेकिन फ्रीक्वेंट मील्स दें, ताकि उसकी बॉडी खाने को अच्छी तरह डाइजेस्ट कर सके।
-खाना बनाते वक्त बच्चे की पसंद का पूरा ख्याल रखें।
-ज्यादा तीखा खाना बनाने से बचें, अन्यथा बच्चे पूरा खाना नहीं खा पाएंगे।
-बच्चे को हेल्दी बनाने के चक्कर में घी, मक्खन और तली हुई चीजें अधिक मात्रा में न दें।

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