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    Homeदेशविदेश मंत्री आज करेंगे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाक़ात

    विदेश मंत्री आज करेंगे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाक़ात

    न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने बुधवार को स्थानीय समयानुसार न्यूयार्क में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अगवानी की। राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर बताया कि विदेश मंत्री अपनी यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात करेंगे। अमेरिका की यात्रा पर जयशंकर ने चौथे यूएस-इंडिया 2+2 डायलाग में हिस्सा लिया। उन्होंने वाशिंगटन में अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन के साथ भी बातचीत की थी।

    विदेश मंत्री ने भारत-अमेरिका रिश्तों पर की खुलकर बात
    वहीं, मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान जयशंकर ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद की आलोचना के बारे में सवालों के जवाब दिए। जयशंकर ने मंगलवार को COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत की मदद करने के लिए अमेरिका की प्रशंसा की। वाशिंगटन में हावर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान जयशंकर ने याद दिलाया कि कैसे सभी देशों के लिए COVID-19 का अनुभव अत्यधिक तनावपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि इस हालात ने यह भी दिखाया कि दुनिया भर के देशों में दोस्ती और रिश्ते क्या कर सकते हैं। हमारे पास भारत में तीन टीके हैं, जिनका हम उत्पादन कर रहे हैं, जो अमेरिका के साथ हमारे संबंधों का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।

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    विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा
    विदेश मंत्री जयशंकर कहा कि वह इसे 2021 की महान उपलब्धि मानते हैं। भारत और अमेरिका के संबंधों में आज उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने की मजबूती और सहजता है, जिन पर दोनों पक्ष सहमत नहीं भी हैं। उन्होंने इस धारणा का जोरदार खंडन किया कि यूक्रेन की स्थिति भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाली है। विदेश मंत्री ने कहा मुझे नहीं लगता कि यह भारत-अमेरिका संबंधों के लिए तनावपूर्ण होगा। देखिए मैं आज यहां हूं मैं अपने रुख और दृष्टिकोण के बारे में काफी खुला और स्पष्टवादी रहा हूं।

    कई कार्यक्रमों में लिया था भाग
    विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच हुई वर्चुअल बैठक भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता के लिए बेहद मददगार सिद्ध हुई। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रारूप में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान ब्लिंकन ने भी टिप्पणी की और हावर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और नेतृत्व के साथ बातचीत में भाग लिया। दोनों विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में काम कर चुके भारतीय छात्रों, विद्वानों और शोधकर्ताओं और अमेरिकी छात्रों, विद्वानों और शोधकर्ताओं के साथ बातचीत की।

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