Homeउत्तर प्रदेशफर्रुखाबाद : दलित छात्रा से दुर्व्यवहार करने वाली प्रधानाचार्या निलंबित

फर्रुखाबाद : दलित छात्रा से दुर्व्यवहार करने वाली प्रधानाचार्या निलंबित

फर्रुखाबाद। दलित छात्रा से बदसलूकी करने वाली प्रधानाचार्य प्रीति चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर प्रधानाचार्या कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है ,तथा कार्यवाहक प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी कॉलेज की वरिष्ठतम प्रवक्ता शीतल को सौंपी गई है।
बताते चलें की दलित छात्रा मोहनी से निलंबित प्रधानाचार्य प्रीति चतुर्वेदी ने अश्लील शब्द इस्तेमाल कर उसे अपमानित किया था इस मामले की शिकायत मोहिनी के पिता मकरंद ने जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिलाधिकारी से की थी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर आदर्श कुमार त्रिपाठी ने अपने स्तर से जांच के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज रोशनाबाद के प्रधानाचार्य रामदास भास्कर तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजेपुर की प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत से जांच कराई थी इस जांच में श्रीमती प्रीति चतुर्वेदी दोषी पाई गई और मोहनी के द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की गई है ।
उधर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने इस मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव से कराई थी श्रीमती भार्गव ने भी अपनी जांच में श्रीमती चतुर्वेदी को दोषी पाया थाl

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इस मामले में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने विगत दिनों सभी जांचों का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर आदर्श कुमार त्रिपाठी ने स्वामी रामानंद बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक विनीत अग्निहोत्री को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही करने की अपेक्षा की थी ,उसी क्रम में कॉलेज के प्रबंधक विनीत अग्निहोत्री ने प्रबंध समिति की एक बैठक 20 अप्रैल को बुलाई जिसमें सर्वसम्मति से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्यवाही करने का प्रस्ताव पारित किया गया था , श्रीमती चतुर्वेदी जो कि संस्कृत की प्रवक्ता है को तत्काल प्रभाव से कार्यवाहक प्रधानाचार्या पद से निलंबित कर दिया गया है ,और उन्हें आरोप पत्र दिया गया है जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कॉलेज में छात्र निधियों का दुरुपयोग कर घोर वित्तीय अनियमितता की गई है। विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के साथ अश्लील भाषा शैली का प्रयोग तथा अभद्र व्यवहार करने तथा अपने अधीन शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से अशिष्टता पूर्वक व्यापार करने तथा अपने उच्चाधिकारियों पर कपट पूर्ण तरीके से झूठे आरोप लगाने के आरोप निर्धारित किए गए हैं
प्रबंधक श्री अग्निहोत्री ने आरोपों की जांच के लिए गठित समिति की ओर से यूपी इंटरमीडिएट एक्ट 1921 में वर्णित व्यवस्था के तहत निलंबन अवधि में कार्यालय प्रधानाचार्य स्वामी रामानंद बालिका इंटर कॉलेज से अटैच रहेंगी

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