Homeदेशएनएसई पूर्व सीईओ रवि नारायण ईडी की कस्टडी में

एनएसई पूर्व सीईओ रवि नारायण ईडी की कस्टडी में

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने धनशोधन के एक मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व प्रबंध निदशेक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवि नारायण को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि संघीय जांच एजेंसी ‘को-लोकेशन घोटाला’ मामले और कर्मचारियों के फोन अवैध तरीके से टैप करने के आरोपों से जुड़े दो आपराधिक मामलों के तहत नारायण की भूमिका की जांच कर रही है। समझा जाता है कि नारायण को फोन टैप करने के मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।

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ईडी ने इससे पहले एनएसई की एक अन्य पूर्व एमडी एवं सीईओ चित्रा रामकृष्ण को कथित रूप से फोन टैप करने के मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि मामले की समानांतर जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें ‘को-लोकेशन’ मामले में गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित अवैध फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे को भी गिरफ्तार किया है।रवि नारायण अप्रैल 1994 और मार्च 2013 के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचजेंस (NSE) के एमडी और सीईओ रहे थे। अप्रैल 2013 में उनकी नियुक्ति नॉन एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन के रूप में हुई थी। उन्होंने वाइस चेयरमैन के रूप में जून 2017 तक काम किया था।

रवि नारायण पर वर्ष 2009 से 2017 तक एनएसई के कर्मचारियों का गैरकानूनी तरीके से फोन टैप करने का आरोप है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने एनएसई की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे के खिलाफ इसी वर्ष 14 जुलाई को इस मामले में कार्रवाई कर केस दर्ज किया था। इससे पहले सीबीआई इन तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी थी।

यह मामला सामने आने के बाद तत्कालीन NSE की प्रमुख चित्रा रामकृष्ण ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि वे एनएसई (National Stock Exchange) से जुड़ी जरूरी और गोपनीय जानकारी हिमालय पर मौजूद एक योगी के साथ साझा कर रहीं थीं। बाद में उस तथाकथित योगी की पहचान उनके ही एक पूर्व सहयोगी के तौर पर ही हुई, जिसे उन्होंने मोटी तनख्वाह पर नियुक्त किया था। गौरतलब है कि सेबी ने चित्रा रामकृष्ण पर गोपनीय जानकारियों को लीक कर दूसरों से साझा करने का आरोप लगाया था
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व एमडी और सीईओ रवि नारायण को स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों पर कथित अवैध फोन टैपिंग और जासूसी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने ईडी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें नारायण को नौ सितंबर तक हिरासत में रखने की मांग की गई थी।

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