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लीज आवंटन मामले में सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ याचिका की सुनवाई टली

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम से खनन पट्टा आवंटन मामले में दाखिल जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में आज सुनवाई टल गई। यह मामला चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस आज कोर्ट में नहीं बैठेगें। ऐसे में संभावना है कि अगले सप्ताह इस मामले में सुनवाई होगी। प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने इसकी पुष्टि की है।

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बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार यानी आज इस मामले में हेमंत सोरेन की ओर से अदालत में जवाब दाखिल कर दिया गया है। उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अमृतांश वत्स पक्ष रखने वाले थे।

शिव शंकर शर्मा ने दाखिल की है हाई कोर्ट में याचिका
इस संबंध में शिव शंकर शर्मा की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। पिछली सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने अदालत को बताया था कि मुख्‍यमंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए रांची के अनगड़ा में पत्थर खनन की लीज आवंटित कर दी गई। यह संविधान के अनुच्छेद 191 का उल्लंघन है। लाभ के पद पर रहते हुए इस तरह का व्यवसाय नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर उस व्यक्ति की सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रविधान है।

इस पर सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा था कि वर्ष 2008 में हेमंत सोरेन को खनन पट्टा मिला था। वर्ष 2018 में लीज समाप्त हो गया। इसके बाद नवीकरण के लिए आवेदन दिया था। शर्तों को पूरा नहीं करने पर लीज नवीकरण रद कर दिया गया। सितंबर 2021 में विभाग की ओर से फिर से लीज आवंटित कर दी गई। फरवरी 2022 में लीज सरेंडर कर दिया गया।

रघुवर दास ने किया था मामले का खुलासा
मालूम हो कि कुछ दिन पहले भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने नाम से खनन पट्टा लिया है। वह मुख्यमंत्री हाेने के साथ-साथ खनन विभाग के मंत्री भी हैं। इस खुलासे के बाद झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया था। भाजपा ने इसकी शिकायत राज्यपाल रमेश बैस से कर दी। राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी।

इसके बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से रिपार्ट मांग ली। राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पद को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर शर्मा ने इसकी शिकायत झारखंड हाईकोर्ट में कर दी। झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई शुरू कर दी है। इसी मामले में अब शुक्रवार को सुनवाई हो रही है।

झारखंड से दिल्ली तक गरम है राजनीति
झारखंड से दिल्ली तक इस मामले को लेकर भाजपा, कांग्रेस के नेता सक्रिय दिख रहे हैं। भाजपा इसे पद का दुरुपयोग और संविधान का उल्लंघन बता रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा किसी तरह से झामुमो सरकार को गिरा कर खुद की सरकार बनाने की साजिश रच रही है। झामुमो भी इस सवाल को लेकर हेमंत सोरेन के बचाव में तरह-तरह का बयान दे रहा है।

झामुमो नेताओं का कहना है कि भाजपा नेता झारखंड सरकार को अस्थिर करना चाह रहे हैं। यह मामला इतना हाइटेक हो गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अपने नेताओं से मिलकर हालात का जायजा ले चुके हैं। सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि हेमंत सोरेन की मुख्‍यमंत्री की कुर्सी जाएगी या नहीं।

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