Homeलाइफस्टाइलजानिए अपने बच्चे को कोरोना से बचाने के टिप्स

जानिए अपने बच्चे को कोरोना से बचाने के टिप्स

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के आधा दर्जन स्कूलों के कई छात्र और शिक्षक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ताजा मामले में दिल्ली से सटे गाजियाबाद का जयपुरिया स्कूल बंद कर दिया गया, क्योंकि मंगलवार को एक छात्र कोरोना पाजिटिव पाया गया, जिसके बाद अब अगले कुछ दिनों तक आनलाइन पढ़ाई होगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कुछ अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। वहीं, दोनों जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने किशोरों का टीकाकरण तेज करने के लिए सभी स्कूलों को सख्त नोटिस भेजा है। जिन स्कूलों में बच्चे संक्रमित मिल रहे हैं वहां पर कांटेक्ट ट्रेसिंग और जांच बढ़ा दी गई है। बावजूद इसके अगर आप भी चाहें तो अपने बच्चों को सावधानी और सतर्कता के साथ स्कूल पढ़ने के लिए भेज सकते हैं।

मास्क और सैनिटाइजर के साथ बच्चों को भेजें स्कूल
छोटे बच्चे मास्क के साथ स्कूल जाने में सहज नहीं महसूस करते हैं, लेकिन कक्षा 6 से ऊपर वाले बच्चों को अभिभावक सतर्कता के साथ स्कूल भेज सकते हैं। इसके लिए अभिभावक सबसे पहले कोरोना की बीमारी के बारे में बताएं फिर इससे जुड़े सुरक्षा उपायों को जिक्र करें। यह भी बताएं वह कोरोना संक्रमित हुआ तो परिवार को सभी सदस्य बीमार हो सकते हैं। यकीकन यह बात बच्चे के जेहन में जाएगी। इसके साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को मास्क लगाने के फायदे बताएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहें।

ग्रुप में लंच से परहेज करने के लिए कहें
कोरोना बड़ी तेजी से फैलता है। ऐसे में बच्चे को भीड़ में खड़ा होने के लिए नहीं कहें। भीड़ का मतलब 3 से अधिक की संख्या। उससे कहें कि वह उचित दूरी बनाए और 3 से अधिक छात्रों की संख्या होते ही दूरी बना ले। इसके अलावा लंच ग्रुप में न करें। पानी की बोटल घर से लेकर जाए। कोशिश हो कि वह हमेशा मास्क लगाए।

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शिक्षक निभाएं अपनी जिम्मेदारी
कोरोना का टीका लगाने के बाद शिक्षकों ने स्कूलों में मास्क लगाना बंद कर दिया है। इसका असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। बच्चे भी मास्क नहीं लगा रहे हैं। जब शिक्षक ही मास्क नहीं लगा रहे तो वे बच्चों को मास्क लगाने के लिए कहने का अधिकार खो देते हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वह न केवल खुद मास्क लगाएं बल्कि बच्चों को भी मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें।

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