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जानिये कौन है बृजभूषण शरण सिंह जिन्होंने राज ठाकरे को अयोध्या में न घुसने देने की दी है धमकी

बहराइच: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्या में न घुसने देने की धमकी देने वाले बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह इन दिनों चर्चा में हैं। यूपी के बहराइच जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट से बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी के सांसद हैं। वे अब तक 6 बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। वर्तमान में वह भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है कि उत्‍तर भारतीयों को अपमानित करने के मामले में राज ठाकरे को पहले माफी मांगनी होगी।

बृजभूषण सिंह ने गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आगामी 5 जून को अयोध्या आगमन प्रकरण पर धमकी दी। सांसद ने उन्हें अयोध्या में न घुसने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि ठाकरे परिवार का मंदिर आंदोलन में किसी भी प्रकार का योगदान नही है। दरअसल वर्ष 1993 में मंदिर आंदोलन को लेकर गिराए गए विवादित ढांचे में 40 आरोपी थे, जिसमें सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी शामिल थे। उस दौरान वे लोकसभ सीट से पहली बार सांसद चुने गए थे।

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छात्र राजनीति से देश की राजनीति का कुछ यूं रहा सफर
वर्ष 1979 में बृजभूषण शरण सिंह ने पहली बार छात्रसंघ चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत हासिल की। इसके बाद से ही पूर्वांचल के जिलों में वे एक युवानेता के रूप में चर्चित होने लगे। लोगों की मानें तो कुश्ती, दंगल, दौड़ और घुड़सवारी में क्षेत्र के लोग उनके नाम पर शर्त तक लगा देते थे। छात्र राजनीति से उन्होंने 1987 में पहली बार गन्ना समिति के चेयरमैन का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वर्ष 1988 में वे बीजेपी के संर्पक में आए और हिंदूवादी नेता की छवि बना ली। बीजेपी के संपर्क में आने के बाद बृजभूषण ने पहली बार एमएलसी का चुनाव लड़ा, लेकिन 14 वोट से हार मिली।

मंदिर आंदोलन में हुए सक्रिय
दूसरी ओर रामजन्मभूमि आंदोलन भी तूल पकड़ रहा था। अयोध्या के महंत रामचंद्र परमहंस, नृत्य गोपाल दास, हनुमान गढ़ी के स्वामी धर्म दास समेत तमाम संतों का आशीर्वाद लेकर वो मंदिर आंदोलन में सक्रिय हो गए। यहां उन्हें लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज नेताओं का साथ मिला। आंदोलन में जेल भी गए। व्यक्तिगत नाराजगी के कारण पार्टी बदलकर उन्होंने सपा जॉइन कर बहराइच की कैसरगंज सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। लेकिन सपा में उनके वैचारिक मतभेद शुरू हो गए और वह दोबारा बीजेपी में वापस शामिल हो गए।

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