शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे भोलेनाथ प्रसन्न होकर हर भय, रोग, दोष से मुक्त कर देते हैं और सुख-समृद्धि का वरदान देते हैं। भगवान शिव के इस प्रिय मंत्र के बारे में ऋग्वेद और यजुर्वेद में भी बताया गया है। संस्कृत में महामृत्युंजय का मतलब है मृत्यु को जीतने वाला। इसी कारण भगवान शिव की आराधना इस मंत्र के द्वारा की जाती है। शिवपुराण के मुताबिक, इस मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से किया जाए तो हर तरह के कष्टों से छुटकारा मिल जाता है, साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। इसलिए मनुष्य को रोजाना कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मिलेंगे ये फायदे

अकाल मृत्यु का भय खत्म
मान्यता है कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से व्यक्ति की उम्र लंबी होती है।

धन-धान्य की बढ़ोतरी
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान देते हैं। रोजाना इस मंत्र का जाप करने से कभी भी घर में धन की कमी नहीं होगी।

यश की प्राप्ति
इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति का समाज में वर्चस्व रहेगा। इसलिए व्यक्ति को नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा।

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आरोग्य
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति तरह के रोगों से दूर रहेगा। क्योंकि भगवान शिव हर बीमारी को खत्म कर देते हैं।

संतान की प्राप्ति
अगर किसी इंसान को संतान पाने की इच्छा है तो इस महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि इस मंत्र का जाप नियमित रूप से किया जाए तो भगवान शिव अवश्य की संतान का वरदान देते हैं।

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