Homeअपराधमरा इंसान 30 साल बाद लौटा घर

मरा इंसान 30 साल बाद लौटा घर

आज आपको एक ऐसी ही कहानी से रूबरू कराएंगे. जो फिल्मी नहीं बल्कि वास्तविक है. जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. दर्द और तकलीफ से भरी यह कहानी उस बुजुर्ग की है, जिसे 30 साल तक बंधुआ बनाकर काम कराया और जब उसका शरीर काम करने को जवाब दे दिया उसे उसके घर छोड़ दिया गया. अब परिजनों को उनके लौटने की तो खुशी है. लेकिन हालत देखकर दुखी है. खासबात यह है कि इस वृद्ध को मृतक मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, अब बुजुर्ग का परिवार न्याय मांग रहा है.

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परिजनों के अनुसार लगभग 30 साल पहले ओबरा में काम करने के दौरान यह मैहर देवी दर्शन करने को गए, दर्शन के बाद वहां पर कुछ लोग बरगला कर इनको मुंबई ले गए. जहां एक मिठाई के कारखाने में इनको रखा गया और 15 साल तक बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई. इस दौरान किसी तरह से रामकिशुन वहां से निकलने में कामयाब रहे और वाराणसी के कैंट स्टेशन पहुंचे. यहां से फिर इनको एक बार दोबारा वे लोग जबरन बाबतपुर एयरपोर्ट के पास एक ढाबे में ले गए और तब से वहीं बंधक बनाकर मजदूरी कराते रहे.इस दौरान रामकिसुम को कई प्रकार की दवा देने की भी बात सामने आई है. देर रात तक इनसे काम कराया जाता था और फिर इनको दवा देकर सुला दिया जाता था. लेकिन इसी दौरान अभी कुछ दिनों पहले ही इनको बाएं तरफ लकवा मार गया. जिससे इनका एक पैर और एक हाथ काम करना बंद कर दिया. जिसके बाद इनको कुछ लोग एक गाड़ी पर बैठा कर उनके घर छोड़ गए.

इन बीते सालों में परिवार के लोग 16 साल पहले जिंदा रामकिशुन का अंतिम संस्कार भी कर चुके है. परिवार के लोग रामकिशुन को जिंदा देखकर खुश तो हैं लेकिन इस दौरान उन्होंने जो झेला है. परिजन उसके लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं. उनके इस हालत के जिम्मेदार पर कार्रवाई की मांग रहे है.

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