Homeअपराधफांसी लगाकर सबसे अधिक लोग देते हैं जान

फांसी लगाकर सबसे अधिक लोग देते हैं जान

आत्महत्या, एक ऐसा कदम, जो एक पल में एक जिंदगी को खत्म कर देता है और मरने वाले से जुड़े लोगों को जिंदगीभर का दर्द दे जाता है। आत्महत्या के पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू कलह है। इस कलह में महिलाओं से ज्यादा पुरुष आत्महत्या करते हैं। यह लोग फांसी लगाकर जान देने को सबसे सरल रास्ते के तौर पर देखते हैं। सिर्फ उप्र में ही 5932 लोगों ने 2021 में और 4808 लोगों ने 2020 में आत्महत्या की। अलीगढ़ जिले में 2021 में 31 और 2022 में अब तक 27 मामले आत्महत्या के दर्ज हुए हैं। आज 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस है। इस बार इसकी थीम कार्रवाई के जरिए आशा पैदा करना है।

पारिवारिक कलह में सबसे ज्यादा 33.2 फीसदी, 18.6 फीसदी ने बीमारी और 6.4 ने नशे की लत में दी जान, 4.8 फीसदी ने शादी संबंधी कारणों से तथा 4.6 फीसदी ने प्यार में असफल होने पर की खुदकुशी, 3.9 फीसदी बैंकों का कर्ज चुका पाने वाले तथा 2.2 फीसदी ने बेरोजगारी के चलते जान दी।

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आत्महत्या की सोचने वाला चाहता है
– बात सुनने वाला कोई व्यक्ति
– विश्वास करने योग्य कोई व्यक्ति
– ध्यान रखने वाला कोई व्यक्ति

आत्महत्या की सोचने वाले यह नहीं चाहते
– अकेला रहना,
– वेबजह की फालतू सलाह लेना
– प्रश्न करना

आत्महत्या का ख्याल दिमाग में आने के संकेत
– डिप्रेशन
– मानसिक स्थिति का एक समान नहीं रहना
– बेचैनी और घबराहट का होना
– जिस चीज में पहले खुशी मिलती थी, अब उसमें दिलचस्पी ना होना
– हमेशा नेगेटिव बातों का आना

 

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