Homeपॉलिटिक्सनीतीश ने सत्ता की सीट पर बने रहने का खोजा तरीका

नीतीश ने सत्ता की सीट पर बने रहने का खोजा तरीका

राजनीतिक रणनीतिकार से कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जदयू सुप्रीमो ने हमेशा सत्ता की सीट पर बने रहने का तरीका खोज लिया है। चाहे कैसी भी परिस्थितियां हों, वे अपनी कुर्सी नहीं छोड़ने वाले।

उत्तर बिहार के पूर्णिया जिले में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रशांत किशोर ने कहा कि फेविकोल के निर्माताओं को अपने ब्रांड एंबेसडर के रूप में नीतीश कुमार के नाम पर विचार करना चाहिए, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री हर परिस्थिति में अपनी कुर्सी से चिपके रहते हैं।

इससे पहले प्रशांत किशोर ने कहा था कि बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव का राष्ट्रीय राजनीति पर कोई प्रभाव नहीं होगा। इस पर नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा था कि उनके इस बयान से लोग यही समझेंगे कि उनका मन भाजपा के साथ रहने का है। इस पर पीके ने कहा कि एक महीने पहले तक जो पीएम मोदी को 90 डिग्री के कोण पर झुककर प्रणाम कर रहे थे, वह अगर किसी को भाजपा का साथी कहें, तो यह हंसने वाली बात है। आप खुद उनके साथ थे। कल फिर से कहां जाएंगे कोई नहीं जानता।

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पीके ने 2017 में भाजपा-जदयू गठबंधन के बाद नीतीश द्वारा की गई पीएम की प्रशंसा की याद दिलाते हुए कहा कि वह अब खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देख रहे होंगे, लेकिन एक वक्त वो भी था जब उन्होंने पीएम मोदी को एक सुपरमैन के रूप में माना था, जिन्हें कोई हरा नहीं सकता।

उन्होंने यह भी दोहराया कि बिहार में अगला विधानसभा चुनाव भाजपा बनाम सात दलों का तथाकथित महागठबंधन से नहीं होगा। राज्य में राजनीति हाल ही में 180 डिग्री हो गई है। इसमें अगले चुनावों से पहले कई उठापटक होना तय है। दरअसल, नीतीश कुमार ने हाल ही में प्रशांत किशोर पर भाजपा की मदद करने की कोशिश करने और राजनीति और शासन के ‘एबीसी’ को नहीं जानने का आरोप लगाया था।

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