Homeलाइफस्टाइलकिसी भी उम्र के लोग कर सकते है ये चार आसन

किसी भी उम्र के लोग कर सकते है ये चार आसन

सेहतमंद रहने के लिए बचपन से ही अपने शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए नियमित व्यायाम और योगाभ्यास करना चाहिए। कई तरह की बीमारियों से बचाव के लिए योगासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मस्तिष्क को भी स्थिर रखता है। कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने के लिए भी विशेषज्ञ योगासन करने की सलाह देते हैं। वैसे तो कई तरह के योगासन हैं जो लाभकारी हैं लेकिन अगर घर पर बच्चों से लेकर बड़े तक सभी को मिलकर प्रात: योग करना हो तो चार तरह के योगासन हर उम्र के लिए फायदेमंद हैं। नियमित चार योगासनों को बच्चे और बड़े कर सकते हैं। इससे सेहत को बहुत लाभ मिलता है। जहां बच्चों में एकाग्रता, लंबा कद होता है तो वहीं बड़ी उम्र के लोगों की इम्यूनिटी मजबूत होती है और कई रोगों से छुटकारा मिलता है। चलिए जानते हैं हर उम्र के लिए चार सामान्य योगासनों के बारे में।

मार्जरासन – शरीर को टेबल टाॅप अवस्था में ले जाएं। अब अपने हाथ और घुटने जमीन पर रखते हुए हिप्स के नीचे और कंधे व कुहनियों को एक सीध में रखें। गर्दन और सिर को सीध में रखते हुए मेरुदंड को न झुकाएं। शरीर का भार हथेलियों और घुटनों पर समान रूप से डालते हुए कमर को छत की दिशा में उठाएं। चिप को छाती पर लगाते हुए गहरी सांस लें और पेट के नीचे जा जाएं और कमर को ऊपर उठाएं। सिर को छत की दिशा में उठाएं।

शीर्षासन योग – मस्तिष्क को शांत और स्वस्थ रखने के लिए शीर्षासन का अभ्यास कर सकते हैं। थायराइड और पैरा थायराइड ग्रंथियों के कामकाज में सुधार करता है। संज्ञानात्मक कार्यक्षमता में सुधार के लिए इसकी अत्यधिक अनुशंसा की जाती है। इस योग के अभ्यास की आदत बनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ एकाग्रता को ठीक रखने में मदद मिल सकती है।

सर्वांगासन – किशोरावस्था में इस योगासन को करने का लाभ मिलता है। सर्वांगासन करते समय पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर आपस में जोड़ते हुए बांहों और हथेलियों को जमीन की दिशा में रखें। हथेलियों से जमीन को दबाते हुए दोनों पैरों को छत की दिशा में सीधी उठाएं। हिप्स और कमर को जमीन से ऊपर उठाते हुए कोहनी को मोड़कर कमर पर रखें। अपने हाथों से सहारा देकर शरीर को 90 अंश के कोण में रखें। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रहें।

प्राणायाम – प्राणायाम का अभ्यास मस्तिष्क की कोशिकाओं में ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाए रखने में सहायक है। तंत्रिका तंत्र को व्यवस्थित रखने, मोटापा, मधुमेह को कम करने, शरीर से विषाक्तता को निकालने में भी इस योग के अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। प्राणायाम के अभ्यास से तनाव का स्तर भी कम होता है जिसे बालों के झड़ने के प्रमुख कारणों में से एक माना  जाता है। कपालभाति, अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत बनाकर आप शरीर को कई प्रकार के लाभ दे सकते हैं।

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