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पीएम मोदी और बाइडेन की आज होगी मुलाक़ात, हर मुद्दे पर होगी खुलकर चर्चा

भारत (India) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति (Biden) के बीच आज वर्चुअल बैठक होने वाली है. इस दौरान यूक्रेन संकट (Ukraine Crisis), दक्षिण एशिया का विकास (Development of South Asia), इंडो-पैसेफिक की हालात (Indo-Pacific) और द्विपक्षीय सहयोग बातचीत का अहम मुद्दा रहेंगे. अमेरिका और भारत (US-India) के बीच आज ही वॉशिंगटन (Washington) में होने जा रही चौथी 2 + 2 वार्ता से पहले ये वर्चुअल बैठक होगी. इसमें भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) शामिल होंगे जबकि अमेरिका (US) की तरफ से रक्षा मंत्री ल्यॉड ऑस्टिन (Lloyd Austin) और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन (Antony Blinken) शामिल होंगे. दोनों देशों के नेताओं के बीच यह कूटनीतिक कवायद ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत पर रूस से तेल खरीद आगे न बढ़ाने का दबाव पड़रहा है. एक बयान में कहा गया कि दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे और दक्षिण एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा गतिविधियों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की वर्चुअल मीटिंग की घोषणा करते हुए कहा, ” यह बैठक दोनों पक्षों को उच्च स्तर पर लगातार और नियमित सहयोग के लिए तैयार करेगी और साथ ही आगे भी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी.”

पिछले एक-डेढ़ महीनों में भारत में कई देशों के शीर्ष स्तर के नेताओं का आना हुआ है. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन, उनकी बेटियों और उनके पूरे मुल्क पर आर्थिक प्रतिबंधों के बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत आए थे. विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के अलावा वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले थे. वहीं अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह भी नई दिल्ली यात्रा पर आए थे और उन्होंने रूस से तेल खरीद को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. लेकिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया भर में तेल के दामों में लगी आग और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में रुकावट के बीच भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा.

भारत ने अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर क्वॉड संगठन भी बनाया है. एलएसी पर जारी विवाद और हिन्द महासागर व प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. हालांकि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से बदलाव हुए हैं. एक बयान में कहा गया है कि वर्चुअल बैठक के जरिये दोनों देश नियमित और उच्चस्तरीय संपर्क को बढ़ाएंगे और द्विपक्षीय गहन वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेंगे. उधर, टू प्लस टू वार्ता में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शिरकत करेंगे. वहीं अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन हिस्सा लेंगे.

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