Homeलाइफस्टाइलभाभी के लिए ननद को सलाह

भाभी के लिए ननद को सलाह

भाभी और ननद का रिश्ता खास होता है। दोनों अगर एक ही उम्र की होती हैं, तो इनके बीच दोस्ती भी हो जाती है लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि ननद-भाभी के बीच आपसी मतभेद देखने को मिलते हैं और दोनों की हमेशा लड़ाई चलती रहती है। कभी-कभी तो बात इतनी खराब हो जाती है कि दोनों का एक ही घर में रहना तक मुश्किल हो जाता है। यह सिचुएशन शुरुआत में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है, जब नई भाभी घर में आती है। एक-दूसरे को समझ पाना भाभी और ननद दोनों के लिए बहुत ही मुश्किल होता है। नई बहू के अपनी ननद को लेकर एक्सपीरियंस बहुत ही बुरे रहते हैं। वहीं, ननद को भी भाभी का जिंदगी में आना भाता नहीं है। ऐसे में हर ननद को भाभी से उलझने से पहले कुछ बातों को जरूर समझना चाहिए। इससे अच्छे रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।

भाभी भी किसी घर की बेटी है – भाभी से उम्मीदें रखने से पहले आपको यह बात समझनी होगी कि भाभी भी किसी घर की बेटी है इसलिए जैसा आपको फील होता है, वैसा ही कुछ भाभी को भी फील होता होगा। ऐसे में बेटी होने की भी कई चुनौतियां हैं। आपकी तरह आपकी भाभी भी कई तरह की सिचुएशन को डील कर रही होंगी।

नए घर/रिश्तों की उलझनेंं – आपकी भाभी के लिए सब-कुछ नया है इसलिए उन्हें तालमेल बिठाने में टाइम लगेगा। ऐसे में आपको किसी भी बात पर रिएक्ट करने से पहले इस बात को समझना होगा कि नए रिश्तों के बीच तालमेल बनाने में समय लगता है।

अलग-अलग परिवेश – अलग-अलग घरों में रहन-सहन और सोच में काफी अंतर होता है। हो सकता है कि आपके घर में जिन चीजों को बहुत ही सीरियस लिया जाता है, उन्हें भाभी के घर में लाइट लिया जाता हो। ऐसे में अगर आपको अपने विचारों और भाभी के नजरिए में अंतर नजर आए, तो इसे आप अपनी या घर की बेइज्जती न समझकर उन्हें समझने की कोशिश करें।

आपको भी दूसरे घर जाना है – आपकी शादी अगर नहीं हुई है, तो आपको समझना चाहिए कि आपको भी आगे जाकर किसी और घर जाना है। ऐसे में आप अपनी सिचुएशन की कल्पना कर सकते हैं, तो आपके मन में भाभी को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर बनेगा और आपको भाभी का स्वभाव ज्यादा समझ में आएगा।

रिश्ते बनने में टाइम लगता है – आप किसी भी रिश्ते को बहुत जल्दी से स्वीकार कर लेते हैं या तालमेल बिठा लेते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि दूसरा व्यक्ति का स्वभाव भी ऐसा ही हो। ऐसे में भाभी को भी घुलने-मिलने का टाइम दें। कोई भी जल्दबाजी न करें।

ननद भी किसी की भाभी है – आपको अगर यह लग रहा है कि यहां सारी बातें और एडजेस्टमेंट की बात सिर्फ ननद के लिए है, तो ऐसा नहीं है। ननद को भी एक दिन ससुराल जाना है या फिर आप भी किसी की भाभी हैं, ऐसे में आप भी इस सिचुएशन को सोचकर देख सकती हैं कि ये बातें हर ननद-भाभी दोनों रिश्तों के लिए हैं।

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