Homeदेशगृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन अब नहीं बच पाएंगे क्रिप्टो अपराधी

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन अब नहीं बच पाएंगे क्रिप्टो अपराधी

 

नई दिल्ली: हमारे देश में करोड़ों ऐसे लोग हैं, जो क्रिप्टोकरेंसीज (Cryptocurrencies) में निवेश करते हैं। इन निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसीज पर भारत सरकार के रुख का लंबे समय से इंतजार है। क्रिप्टो में निवेश वैध रहेगा या अवैध, इस असमंजस के बीच ही सरकार बजट में वर्चुअल डिजिटल करेंसी (Virtual Digital Currency) पर 30 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव लेकर आई थी। भारत की क्रिप्टो पॉलिसी (India’s Crypto Policy) अभी भी स्पष्ट नहीं हुई है। इस बीच क्रिप्टो निवेशकों (Crypto Investors) के लिए एक बड़ी खबर आई है। गृह मंत्रालय के एक संगठन ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों (Crypto Crimes) पर नियम जारी किये हैं। यह पहली बार है, जह किसी पुलिस थिंक टैंक ने क्रिप्टो को लेकर भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक एसओपी (SOP) जारी की है। इस संगठन ने क्रिप्टो से जुड़े अपराधों की जांच की एक मानक प्रक्रिया जारी की है। साथ ही यह भी बताया गया है कि जब्त की गई क्रिप्टोकरेंसी का क्या किया जाए।

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अपने पास क्रिप्टो वॉलेट रखें एजेंसियां
ये दिशानिर्देश गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पुलिस अनुसंधान विकास ब्यूरो (BPRD) द्वारा जारी किये गए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिशानिर्देशों में कहा गया कि कानूनी एजेंसियों को अपने पास एक क्रिप्टो वॉलेट (Crypto Wallet) रखना चाहिए, जिसमें जब्त किये गए डिजिटल एसेट्स को रखा जा सके। साथ ही एजेंसियों को क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ भी संपर्क बनाकर रखने चाहिए, जिससे संदिग्ध व्यक्ति के वॉलेट को ब्लॉक किया जा सके।

जमा करें पुख्ता सबूत
दिशानिर्देशों में कहा गया कि कोर्ट में बताने के लिए पुख्ता सबूत जमा करना भी महत्वपूर्ण है। क्रिप्टोकरंसी से जुड़े साइबर अपराधों के साथ डील करने वाले जांचकर्ताओं को क्रिप्टो वॉलेट खोलने की प्रक्रिया को पूरी तरह रिकॉर्ड करना चाहिए, ताकि सबूतों को संरक्षित किया जा सके और उन्हें अदालत में पेश किया जा सके।

एजेंसियों को होती है परेशानी
बता दें कि वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित मामलों पर कोई राष्ट्रीय दिशानिर्देश नहीं हैं, जिसके कारण कानूनी एजेंसियां अक्सर संघर्ष करती हैं। विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी की जब्ती और संदिग्धों का पता लगाने में उन्हें काफी समस्या होती है। इन दिशानिर्देशों से इन्हीं समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया गया है।

इस वित्त वर्ष से 30 फीसद टैक्स
गौरतलब है कि एक फरवरी 2022 को पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव का क्रिप्टो एक्सचेंजों ने विरोध किया था और सरकार को कई सुझाव दिए थे। हालांकि, इन सुझावों को अभी तक नहीं माना है। इस तरह एक अप्रैल 2022 से लागू हुए इस वित्त वर्ष से क्रिप्टो निवेशकों को क्रिप्टो से हुई आय पर 30 फीसद टैक्स (Tax on Crypto) चुकाना होगा। वहीं, क्रिप्टो लेनदेन पर एक फीसद टीडीएस (TDS on Crypto) भरना होगा। हालांकि, भारत की क्रिप्टो पॉलिसी अभी भी लंबित है और क्रिप्टो से जुड़े अपराधों की जांच मौजूदा साइबर कानूनों के माध्यम से की जाती है।

तेजी से बढ़ रहा क्रिप्टो क्राइम
क्रिप्टो निवेशकों की बढ़ती संख्या के साथ ही दुनियाभर में क्रिप्टो अपराध के मामले भी बढ़ रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट का अनुमान है कि साल 2021 में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए करीब 14 अरब डॉलर का अवैध लेनदेन हुआ था, जो पिछले वर्ष के 7.8 अरब डॉलर से 79 फीसद अधिक था।

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