हनुमान जन्मोत्सव इस बार शनिवार को होने के कारण शनि देव की भी पूजी की जाएगी। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा आराधना करने से मनुष्य हर प्रकार के भय और कष्‍टों से मुक्त हो जाता है। मनुष्‍य के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। चैत्र शुक्‍ल पूर्णिमा 16 अप्रैल शनिवार को हनुमान जयंती है। कोरोना का प्रकोप खत्‍म होने से दो साल के बाद भक्‍तगण पूर्ण उल्‍लास और उत्‍साह के साथ हनुमान जयंती मनाएंगे। शहर हनुमान मंदिरों में आकर्षक विद्युत साज-सज्‍जा की जा रही है। बजरंगबली की शोभायात्राएं निकालने की तैयारी है।

शुभ मुहूर्त
चैत्र शुक्‍ल पूर्णिमा तिथि शनिवार, 16 अप्रैल को सुबह 2 बजकर 25 मिनट से तिथि शुरू हो रही है जो रात 12 बजकर 24 मिनट तक मनाई जाएगी। इस तिथि को हस्त और चित्रा नक्षत्र है. सुबह 5.55 से लेकर 08.40 तक रवि योग भी रहेगा। रवि योग में भगवान का पूजन करना विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जाता है।

पूजन विधि :
स्‍नानादि से निवृत्‍त होकर पूजा स्‍थल में लाल वस्त्र बिछाए। हनुमान जी की प्रतिमा या तस्‍वीर को दक्षिण की ओर मुंह करके स्थापित करें। घी का दीपक और चंदन की अगरबत्‍ती या धूप जलाएं। चमेली के तेल में नारंगी सिंदूर घोलकर उसका बजरंगबली की प्रतिमा पर लेपन करें। चांदी का वर्क चढ़ाएं। लाल पुष्‍प चढ़ाएं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामायण के साथ-साथ बजरंग बाण का पाठ करें। अंत में विधिवत तरीके से स्तुति के साथ आरती करें। श्री हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करके सात परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

राशियों के अनुसार पूजा व भोग

  • मेष : लाल पुष्प, सिंदूर चढ़ाएं, बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
  • वृषभ : तुलसी पत्ती व फल चढ़ाएं, सफेद और लाल पुष्प से पूजा करें।
  • मिथुन : पीले रंग की मिठाई, लाल व पीले पुष्प चढ़ाएं।
  • कर्क : हलवे का भोग लगाए, हनुमान जी को सिंदूर व इत्र लगाएं।
  • सिंह : लाल पुष्प और लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
  • कन्या : हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर लगाकर चांदी का वर्क लगाए।

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  • तुला : बूटी व मगद के लड्डू व जनेऊ चढ़ाएं।
  • वृश्चिक : चोला चढ़ाकर चना, चिरौंजी, पेड़े का भोग लगाएं।
  • धनु : तुलसी के बीज, जनेऊ और पीले पुष्प चढ़ाकर पूजन करें।
  • मकर : शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करें।
  • कुंभ : लाई और चने का भोग लगाए, सुंदरकांड पाठ करें।
  • मीन : लौंग, इलायची, बादाम और मिश्री का भोग लगाकर पूजन करें।

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