Homeटेक्नोलॉजीसूर्य ग्रहण से पहले चार ग्रहो के साथ होगी अनोखी खगोलीय घटना

सूर्य ग्रहण से पहले चार ग्रहो के साथ होगी अनोखी खगोलीय घटना

अगली सुबह उठने वालों के लिए खुशखबरी है। भोर में जागने वाले, सुबह जल्दी उठने वालों को इस महीने के अंत तक आकाश में ग्रहों के मिलन का शानदार नजारा दिखेगा। अद्भुत दृश्यों का गवाह आप अपनी नंगी आंखों से बन सकते हैं। अगले दो दिनों में इसकी शुरुआत हो जाएगी, जो एक-एक दिन आगे बढ़कर और भी प्रभावशाली होगा। तब बृहस्पति, शुक्र, मंगल और शनि सुबह-सुबह आकाश में पंक्तिबद्ध रहेंगे। और अप्रैल के आखिर में चंद्रमा के साथ एक पंक्ति में चमकते रहेंगे। यह दुर्लभ खगोलीय नजारा संभवत: 1000 साल बाद देखने का मौका मिलेगा।

आकाश में पूर्व दिशा की ओर बिना किसी यंत्र या दूरबीन के इस ग्रहों की चौकड़ी को आसानी से देखा जा सकता है। इसके बाद अन्य खगोलीय घटनाक्रम में चार ग्रहों के साथ चंद्रमा भी इस संरेखण में शामिल हो जाएगा। खगोलविद इस घटना को प्‍लैनेट पैरेड की संज्ञा दे रहे हैं। हालांकि, ज्‍योतिषविद इसे आने वाले समय में भारी उलटफेर और उथलपुथल का संकेत मान रहे हैं।

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चंद्रमा सोमवार 25 अप्रैल और मंगलवार 26 अप्रैल को सूर्योदय से लगभग एक घंटे पहले चार ग्रहों के पास दिखाई देगा। दो दिवसीय इस विशिष्‍ट खगोलीय आयोजन का मतलब है कि बिना किसी अतिरिक्‍त प्रयास के लोग पूर्वी आकाश में दर्शनीय नजारे का दीदार कर सकते हैं। इस खगोलीय घटना का आनंद लेने के लिए बस सुबह जल्दी उठने की दरकार होगी।

चार ग्रहों के साथ चंद्रमा एक पांचवां ग्रह के रूप में इस प्‍लैनेट पैरेड में शामिल होगा। इस बीच छिपे तौर पर नेपच्यून भी 25 अप्रैल और 26 अप्रैल को शुक्र और बृहस्पति के पास दिखाई देगा। हालांकि, इसे देखना मुश्किल होगा क्योंकि ग्रह दूरबीन की मदद के बिना देखने के लिए बहुत मद्धिम है। यह सीधे बृहस्पति और शुक्र के बीच दिखाई देगा।

सूर्योदय से पहले आकाश में दिखाई देने वाले अन्य ग्रहों और सितारों से अलग होकर नेपच्यून एक छोटे नीले बिंदु की तरह दिखेगा। 30 अप्रैल और 1 मई को सुबह ये सारे ग्रह फिर से देखने लायक होंगे क्योंकि बृहस्पति और शुक्र एक-दूसरे के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। खगोलविद इस प्रकार के ग्रहों के मिलन को एक संयोजन के रूप में संदर्भित करते हैं।
यह विशिष्‍ट खगोलीय नजारा बृहस्पति के इर्द-गिर्द होगा। इस दौरान खगोलविद टूटते तारों पर भी नजर रखेंगे। क्योंकि वार्षिक उल्का बौछार 29 अप्रैल तक सक्रिय रहेगी। गुरुवार, 21 अप्रैल की रात को प्रति घंटे 15 से 20 उल्‍कापात होने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ उल्काएं सुबह-सुबह चार ग्रहों के संरेखण के दौरान टूटती हुई दिखेंगी।

 

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