Homeउत्तराखंडयूटीडीबी ने चारधाम से जुडी जानकारी हेतु जारी किया टोल फ्री नंबर

यूटीडीबी ने चारधाम से जुडी जानकारी हेतु जारी किया टोल फ्री नंबर

देहरादून: उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को सुविधा देने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। पर्यटक चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर पर फोन कर सकते हैं।

यूटीडीबी में बनाए गए कंट्रोल रूम में टोल फ्री नंबर से तीर्थयात्रियों को पंजीकरण, मौसम, यात्रा मार्गों की स्थिति, बुकिंग की स्थिति, आनलाइन बुकिंग और हेलीकाप्टर सेवा आदि जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

यूटीडीबी के उप निदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि तीर्थयात्री टोल फ्री नंबर 0135-1364 और चार धाम कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0135-2559898, 0135-2552627 और 0135-3520100 के जरिये जानकारी ले सकते हैं।

चार धाम यात्रा के सफल संचालन व उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्री व पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टूरिस्ट सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम के गजेंद्र चौहान ने बताया कि तीर्थयात्री http://registrationtouristcare.uk.gov.in/ पर आनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

इससे यात्रियों और उनके वाहनों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को क्यूआर कोड बना रिस्ट बैंड दिया जाएगा, जिसे चार धाम में स्कैन किया जाएगा। इससे पर्यटन विभाग को यह पता रहेगा कि कौन सा यात्री कहां पर है।

चार धाम यात्रा में ड्रोन से होगी हाईटेक सुरक्षा
अपर पुलिस महानिदेशक संचार अमित सिन्हा ने कहा कि शैक्षिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में दुनियाभर में ड्रोन का उपयोग हो रहा है। उत्तराखंड पुलिस भी इस बार चार धाम यात्रा के दौरान ड्रोन का उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और अपग्रेड कर रही है।

सिन्हा ने यह बात बुधवार को आइटी पार्क स्थित आइटीडीए सभागार में एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। सिन्हा ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न प्रकार के ड्रोन के परिचय, ड्रोन उड़ान संचालन के नियमों और विनियमों, भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआइएस) डाटा, गूगल अर्थ का परिचय, ड्रोन इमेज प्रोसेसिंग और साफ्टवेयर, स्वायत्त उड़ान संचालन के बारे में जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि इनर्फोमेशन टेक्नालाजी डेवलपमेंट एजेंसी (आइटीडीए) चार धाम यात्रा में व्यापक प्रयोगों के लिए ड्रोन पायलटों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ड्रोन उपयोग का उद्देश्य तकनीकी क्षमता में वृद्धि करना और तकनीकी चुनौतियों का समाधान करना है।

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उन्होंने बताया कि आइटीडीए भविष्य में और अधिक उन्नत तकनीकी कार्यशालाएं आयोजित करेगा, जिसमें जिज्ञासु जनों को प्रश्न करने का अवसर मिलेगा। उत्तराखंड को विश्व का अग्रणी ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

बताया कि पुलिस ड्रोन के माध्यम से उन्नत तकनीकी कार्यक्षमता के साथ हवाई दृश्यों से सटीक डाटा संग्रह करेगी। साथ ही जटिल पर्यावरणीय परिस्थितियों के आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।

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