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योगी आदित्यनाथ का बयान- धार्मिक आयोजन सड़कों पर न आयोजित कर प्रदेशवासियों ने की अच्छी पहल

ऋषिकेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश में अनेक धार्मिक आयोजन सकुशल संपन्न हुए। इन्हें सड़कों पर न आयोजित कर प्रदेशवासियों ने एक अच्छी पहल की है।

आज उत्तर प्रदेश में धर्म के नाम पर दंगे बंद हैं। 25 करोड़ की आबादी ने शांतिपूर्ण ढंग से ईद मनाई, लेकिन एक भी व्यक्ति नमाज के लिए सड़क पर नहीं उतरा, यह बड़ा परिवर्तन है।

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उन्होंने कहा कि स्वस्थ और समरस समाज के लिए आस्था का सम्मान एवं कानून का शासन साथ-साथ होना जरूरी है। यह प्रदेश के विकास व नागरिकों के स्वावलंबन का आधार बनेगा। उन्होंने उत्तराखंड तथा देश की उत्तर सीमा की सुरक्षा के लिए पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने में साहसिक और धार्मिक पर्यटन अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार को इस दिशा में ठोस रणनीति बनानी होगी।

मंगलवार को अक्षय तृतीया पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह ब्लाक यमकेश्वर के बिथ्याणी में महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में अपने आध्यात्मिक गुरु महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज अपनी जन्मभूमि में अपने आध्यात्मिक गुरु की प्रतिमा का अनावरण करते हुए वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आध्यात्मिक गुरु को याद करते हुए वह कुछ पल के लिए भावुक भी हो गए।

उन्होंने कहा कि महंत अवेद्यनाथ की जन्मभूमि भी यही यमकेश्वर क्षेत्र रहा है। महंत अवेद्यनाथ का जीवन सदैव धर्म आध्यात्म तथा समाज के लिए समर्पित रहा। अपने गृह क्षेत्र में उच्च शिक्षा को लेकर उनकी चिंता हमेशा बनी रहती थी। यही वजह है कि बिथ्याणी में उनकी प्रेरणा से महाविद्यालय शुरू हुआ। उन्होंने इस महाविद्यालय के राजकीयकरण के लिए उत्तराखंड सरकार का आभार जताया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति की आस्था को भी सम्मान दिया जाना चाहिए, लेकिन आस्था ऐसी न हो कि आमजन की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक लाख धार्मिक स्थलों से शोरगुल करने वाले माइक उतारे जा चुके हैं। अब किसी विद्यार्थी को पढ़ाई में परेशानी नहीं होगी और कोई बीमार व्यक्ति लाउडस्पीकर की आवाज से परेशान नहीं होगा।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में हो रहे पलायन को लेकर उन्होंने चिंता जताते हुए युवाओं से पलायन न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में असीम प्रतिभा है, उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचान कर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना होगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुशासन के लिए उन्होंने कड़े कदम उठाए। आज भू माफिया और गुंडाराज समाप्ति की ओर है। हमने शक्ति दिखाने से पहले संवाद स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच वर्षों से लंबित परिसंपत्ति के मामले हल किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपने स्कूली के समय के छह शिक्षकों को सम्मानित भी किया। उन्होंने भावुक होते हुए दिवंगत शिक्षकों को भी याद किया।

समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की जन्मभूमि उत्तराखंड जरूर है, मगर आज वह पूरी देश की धरोहर हैं। उत्तर प्रदेश में सुशासन स्थापित करने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया, जिसका परिणाम यह रहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में चुना है।

समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक रेणु बिष्ट, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती आदि मौजूद रहे।

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